Acid Base Related Gk |सामान्‍य विज्ञान पार्ट-6

Chemistry GK TEST

आज की इस सीरिज में हम एसिड बेस और केमिकल रिएक्‍शन (Acid Base Related Gk) से संबंधित सामान्‍य विज्ञान का पार्ट- 6 लेकर आये हैं।
इस टॉपिक मे लगभग सभी महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों को लिया गया है फिर भी अगर कुछ चीजे नही भी है तो उसके लिए एक सीरीज अलग से आयेगी उसी मे उसे करा दिया जायेगा।

Acid Base Related Gk

ऑक्‍सीजन की उपस्थिति में मैग्नीशियम रिबन का जब दहन होता है तो यह श्‍वेत(सफेद) चूर्ण मे बदल जाता है।
यही मैग्‍नीशियम ऑक्‍साइड का चूर्ण है।

Chemical Reactions And Acid Base Related Gk
रासायनिक अभिक्रिया की पहचान
अवस्‍था मे बदलाव, रंग में बदलाव, गैस का निकास, तापमान मे परिवर्तन ये चीजें बताती हैं
कि रासायनिक परिवर्तन हो रहा है।
जब किसी पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन होता है लेकिन रासायनिक गुणों में कोई परिवर्तन
नही होता है तो इस प्रकार के परिवर्तन को भौतिक परिवर्तन कहा जाता है।
पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन का तात्पर्य होता है उसके आकार , आकृति , रंग , अवस्था आदि गुणों में परिवर्तन होना।
इसमें कोई नया पदार्थ नही बनता है जैसे — बर्फ को गरम करते हैं तो यह पानी में बदल जाता है।
संयोजन अभिक्रिया– ऐसी अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्‍पाद बनाते हैं उसे संयोजन अभिक्रिया कहते है।
उदाहरण- कोयले का दहन,

विभिन्‍न रासायनिक अभिक्रिया Other Chemical Reactions(Acid Base Related Gk)


जिन अभिक्रियाओं में उत्‍पाद के बनने के साथ-साथ ऊष्‍मा भी उत्‍पन्‍न होती है उन्‍हें ऊष्‍माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण- प्राकृतिक गैस का दहन, श्‍वसन भी एक ऊष्‍माक्षेपी अभिक्रिया है।
वियोजन अभिक्रिया- इस अभिक्रिया में एक अभिकर्मक टूट कर छोटे-छोटे उत्‍पाद प्रदान करता है।
उदाहरण- कैल्‍शियम कार्बोनेट का कैल्शियम आक्‍साइड और कार्बन डाई आक्‍साइड में बदलना।
सूर्य के प्रकाश सफेद रंग का सिल्‍वर क्‍लोराइड धूसर रंग का हो जाता है। ऐसा इसलिए कि प्रकाश की उपस्थिति में सिल्‍वर क्‍लोराइड का सिल्‍वर और क्‍लोरीन मे टूटना के कारण होता है।

Chemical reaction and Acid base Related Gk
वियोजन अभिक्रियाओं में अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊष्‍मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा की जरूरत होती है।
जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा का अवशोषण होता है उसे ऊष्‍माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।
विस्‍थापन अभिक्रिया– इस अभिक्रिया में एक तत्‍व दूसरे तत्‍व के विलयन को हटा अर्थात विस्‍थापित कर देता है।
जैसे- लोहे की कील का रंग का भूरा होना और कॉपर सल्‍फेट के विलयन का नीला रंग मलीन पड़ जाना।
द्विविस्‍थापन अभिक्रिया में दो अलग-अलग परमाणु या परमाणुओं के समूह (आयन) का आपस में आदान-प्रदान होता है।

Oxidation and Reduction (Gk)

Acid Base Related Gk
अपचयन और उपचयन Oxidation and reduction
अभिक्रिया के समय जब किसी पदार्थ में ऑक्‍सीजन की वृद्धि होती है तो कहते हैं कि उसका उपचयन हुआ है। तथा जब अभिक्रिया में किसी पदार्थ में ऑक्‍सीजन का लॉस होता है तो कहते हैं कि उसका अपचयन हुआ है।
संक्षारण– जब कोई पदार्थ अम्‍ल, वायु, नमी आदि के संपर्क में आता है तो उसमे कुछ संक्षरण हो जाता है इसे ही संक्षारण कहा जाता है।
उदाहरण- लोहे का जंग लगना, चांदी के ऊपर काली पर्त व तांबे के ऊपर हरी पर्त चढ़ना आदि।

अभिकारक– रासायनिक अभिक्रिया मे भाग लेने वाले पदार्थो को अभिकारक कहते है यह रसायनिक समीकरण में तीर के चिन्ह के बाय ओर लिखा जाता है। दो या दो से अधिक अभीकारकों के बीच धन का चिन्ह होता है। अभीकारकों से मिलकर उत्पाद बनते हैं।
अम्‍ल (Acid)
इनका स्‍वाद खट्टा होता है, यह नीले लिटमस पेपर को लाल कर देते हैं।
लिटमस- यह प्राकृतिक सूचक होते हैं जैसे- हल्‍दी भी एक सूचक है।

Acid Base Related Gk
क्षार (Base)
इनका स्‍वाद कड़वा होता है एवं यह लाल लिटमस पेपर को नीला कर देते हैं।
विशेष-अम्‍ल एवं क्षारक की जांच के लिए आप संश्‍लेषित सूचक जैसे मेथिल ऑरेंज एवं फीनाल्‍फथेल‍िन का भी उपयोग कर सकते हैं।
लिटमस विलयन थैलाफाइटा समूह के लाइकेन पौधे से निकाला जाता है। लिटमस विलयन जब न तो अम्‍लीय होता है न ही क्षारकीय तब यह बैंगनी रंग का होता है।
अम्‍ल एवं क्षारक की अभिक्रिया के परिणामस्‍वरूप लवण तथा जल प्राप्‍त होते हैं तथा इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
इसे इस प्रकार लिखते हैं- क्षारक+अम्‍ल—- लवण+जल

pH Scale

Acid Base Related Gk
पीएच स्‍केल (pH Scale)
किसी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन की सांद्रता ज्ञात करने के लिए एक स्‍केल विकसित किया गया जिसे pH स्‍केल कहते हैं। जिसमे पी का अर्थ है, पुसांस जो एक जर्मन शब्‍द है, जिसका अर्थ होता है ‘शक्ति’।
इस पीएच(pH) स्‍केल में 0 का मतलब अति अम्‍लता से है जबकि 7 का मतलब उदासीन होता है और 14 का मतलब अति क्षारकता से है।
0 से 7 के बीच अम्‍ल होता है जबकि 7 से 14 बीच क्षार होता है।

प्राकृतिक स्रोत अम्‍लpH मान
सिरका एसिटिक एसिड3
संतरा सिट्रिक एसिड3 and above 4
इमली टार्टरिक एसिड2.8
टमाटरऑक्‍जैलिक एसिड4.5
दही लैक्टिक एसिड4.5 to 5.5
नींबूसिट्रिक एसिड2.4
चींटी का डंकफार्मिक एसिड2.3
Acid Base Related Gk (pH value)

More about pH value

अधिक मात्रा में H+ आयन उत्‍पन्‍न करने वाले अम्‍ल प्रबल अम्‍ल तथा कम मात्रा मे H+ आयन उत्‍पन्‍न करने वाले अम्‍ल दुर्बल अम्‍ल कहलाते हैं।
1.ऐन्टासिड जिसे मैग्‍नीशिय हाइड्रॉक्‍साइड (मिल्‍क आफ मैग्‍नीशिया) कहा जाता है अम्‍ल की अधिकता को कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
2.मुह मे pH मान 5.5 से कम होने पर दांतों का क्षय प्रारम्‍भ हो जाता है।
3.मधुमक्‍खी के डंक मारे गए अंग में बेकिंग सोडा जैसे दुर्बल क्षारक का इस्‍तेमाल किया जाता है।
4.मानव रक्त का pH 7.4 होता है। मतलब यह क्षारीय होता है।
5.मूत्र पीएच के लिए औसत मान 6.0 है, लेकिन यह 4.5 से 8.0 तक हो सकता है।

Acid Base Related Gk
6.मानव लार का पीएच 6.5 से 7.5 होता है।
7.हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL) का pH मान(pH Value) 0 होता है।
8.एसिड वर्षा का pH मान (pH Value) 5.0 के आसपास होता है।
9.सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) का pH मान (pH Value) 14.0 सबसे अधिक होता है।
इस प्रकार हम कह सकते हैं कि सबसे प्रबल अम्‍ल HCL एवं सबसे प्रबल क्षार NaOH है।

और भी जानें-
सामान्‍य विज्ञान पार्ट-1
रोचक जानकारी भाग-1
विश्‍व की रोचक जानकारी
सामान्‍य विज्ञान पार्ट-3

सक्रियता श्रेणी-

acid base related gk
सक्रियता का मतलब है वह तत्‍व जो किसी भी तत्‍व से अभिक्रिया करने की क्षमता रखता हो और तुरंत उस तत्‍व से रिएक्‍ट कर जाये । नीचे कुछ धातुओं की सीरिज दी गयी जो सबसे अध्कि सक्रिय एलिमेंट से सबसे कम सक्रिय एलीमेंट के रूप मे है।
K>Na>Ca>Mg>Al>Zn>Fe>Pb>H>Cu>Hg>Ag>Au
अत: पोटैशियम सबसे अधिक सक्रिय तत्‍व है जबकि सोना सबसे कम रिएक्टिव एलीमेंट है।

प्रश्‍न- ऊष्‍माक्षेपी अभिक्रिया का कोई एक उदाहरण दीजिये।
इसका जवाब कमेंट में दे और यदि कोई सुझाव हो तो उसे अवश्‍य बतायें।
रसायन विज्ञान से संबंधित और जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
https://www.coursera.org/learn/chemistry-1

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