तनाव मुक्‍त कैसे रहें (YOGA FOR STRESS FREE)

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How to stress free(Yoga for stress free)

कभी-कभी लगता है कि, हमें बहुत गुस्‍सा आता है । यह कब आता है जब, कोई कुछ भी हमें कहता है, किसी भी बात पर अचानक, झुंझुलाहट सी होने लगती है । ऐसा लगता है कि जैसे (As) किसी ने हमें चोट पहुंचा दी है
हम अपना आपा खो बैठते हैं ऐसे समय पर । आपने यह भी महसुस किया होगा कि, पहले से कहीं ज्‍यादा हम चिड़चिड़े होते जा रहें है । तनाव (Stress) इतना हो गया है कि अपने बच्‍चों को भी हम डांट देते हैं ।

तनाव का हल (Yoga for Stress free)

क्‍या इसका कोई हल है    तो हां इसका हल है- मेरा जवाब यही होगा । इन उपरोक्‍त कारणों की वजह से हम अपनी दिनचर्या, दैनिक कार्य आदि जो भी हो उस पर ध्‍यान नही कर पाते
कि हमारा लक्ष्‍य क्‍या है, और हमे हमेशा ऐसा लगता है कि कुछ न कुछ हमारे मन में चलता रहता है ।
कहीं -कहीं तो इस तनाव की (Therefore) वजह से हम इतने पीडि़त हो जाते हैं कि दवा
खाने की नौबत आ जाती है इसे नियन्‍त्रित करने के लिए । और यही आदत सी बन जाती है । हम हमेशा यही सोचते रहते हैं कि, काश ऐसा हो गया होता या ऐसा हो जाता तो अच्‍छा होता।

मैं कुछ चीजें आपसे बताने का प्रयास कर रहा हूं जिससे आप अपने आप पर कुछ नियन्‍त्रण कर सकें । अगर आप उसका नियमित अभ्‍यास , प्रयोग करें तो इन सभी से छुटकारा मिल सकता है ।

तनाव को दूर करने का तरीका
How to Stress free

(For Instance) पहला काम सोने से पहले, आप अपने घर के प्रत्‍येक सदस्‍य के बारे में अच्‍छा विचार लायें ।सोकर उठने के बाद आप ध्‍यान (meditation) अवश्‍य करें ।
ध्‍यान ही वह कुंजी है जिसके द्वारा आप इन सभी समस्‍याओं पर सफल हो सकते हैं ।

सर्वप्रथम सुबह उठने के बाद आप फ्रेश हो जाएं, उसके बाद थोड़ा, वॉक करें । अगर वॉक
न कर सकें तो ताड़ासन करे या अपने हाथों, पैरों को स्‍ट्रेच करें ।
यह प्रक्रिया 2 से 3 मिनट तक करें । यह प्रक्रिया करने के बाद एक- दो मिनट शांत रहें ।

How to do Meditation

सबसे पहले आप कोई आसन चुनें । मतलब जैसे आप खाना खाते वक्‍त बैठते हैं उस मुद्रा में बैठे या पद्मासन की मुद्रा (सीधे शब्‍दों में अलथी-पलथी मार कर बैठे)।कमर सीधी होनी चाहिए ।


अब गहरी साँस ले (3-4 बार ) व छोड़ें । इसके बाद नियमित सॉंस ले जैसे सामान्‍य रहते हुए
आप लेते हैं, सारा ध्‍यान इसी स्‍वास पर केंद्रित करें
ऐसा करते वक्‍त आपका मन बहुत भटकने लगेगा, तरह-तरह के विचार आयेंगे । पर
आपको इन सभी के बारे में कुछ नही सोचना है
केवल स्‍वास पर ध्‍यान देना है, स्‍वास आ रही है जा रही है, स्‍वास आ रही है फिर जा रही है,
बस यही ध्‍यान दे ।
सारे विचार फिर गायब हो जाएंगे । इस तरह से आप शुरूआत में 5 मिनट अवश्‍य करें ।
फिर इसे बढ़ाकर 10 मिनट, इसके बाद एक-दो महिने  बाद 15-20 मिनट करें या आपसे
जितना हो सके उतना करने का प्रयास करें ।

अभ्‍यास से लाभ

आप स्‍वयं एक हफ्ते में ही अनुभव करेंगे कि पहले से गुस्‍सा कम होने लगेगा, किसी की बात
का बुरा नही लगेगा ।चिड़चिड़ापन कम होने लगेगा और आपको अन्‍दर से बहुत खुशी महसुस होगी ।
यह सब तभी होगा जब आप नियमित करेंगें ।
आपको अपने अन्‍दर एक अजीब सी ऊर्जा महसुस होगी । ऐसा लगेगा कि कितना भी
मानसिक काम हो पर अन्‍दर से एनर्जी बरकरार रहेगी ।
जैसे कोई आन्‍तरिक ऊर्जा आ गयी हो

अन्‍त में यही कहना चाहूंगा कि आप इसे नियमित अभ्‍यास करेंगे तो, मुझे पूरा भरोसा है यह
आपको लाभ अवश्‍य देगा ।

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